म्रदु भावो के अंगूरों की,
आज बना लाया हाला,
प्रियतम अपने ही हाथो से,
आज पिलाऊंगा प्याला,
पहले भोग लगा लू तेरा,
फिर प्रसाद जग पायेगा
सबसे पहले तेरा स्वागत
करती मेरी मधुशाला
२
प्यासा तुझे तो विश्व तपाकर
पूर्ण निकालूँगा हाला
एक पाँव से सकी बनकर
नाचूँगा लेकर प्याला
जीवन की मधुता तो तेरे
ऊपर कबका वार चूका
आज निछावर कर दूंगा में
तुझ पर जग की मधुशला
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Thursday, December 23, 2010
Friday, November 19, 2010
आजादी
पक्षियों की ऊडान है आजादी
कल्पनाओ की पहचान है आजादी
हर नवनिर्माण की जान है आजादी
हर नवयूवक के लिए खुला आसमान है आजादी
सितार की हर झंकार है आजादी
हर धनुष की तानकर है आजादी
हर जंग का महत्वपूर्ण आधार है आजादी
आने वाले भविष्य की पुकार है आजादी
कल्पनाओ की पहचान है आजादी
हर नवनिर्माण की जान है आजादी
हर नवयूवक के लिए खुला आसमान है आजादी
सितार की हर झंकार है आजादी
हर धनुष की तानकर है आजादी
हर जंग का महत्वपूर्ण आधार है आजादी
आने वाले भविष्य की पुकार है आजादी
Tuesday, November 16, 2010
याद
तेरी याद में कितने पल हम यु ही गवा बैठे,
कही आँखों की नींद,
तो कही दिल का चैन गवा बैठे,
लोग कहते रहे की बदनाम गलियों में न घूम रे दीवाने पर
उन्हें क्या पता हम उन्ही गलियों को अपना ठिकाना बना बैठे
कही आँखों की नींद,
तो कही दिल का चैन गवा बैठे,
लोग कहते रहे की बदनाम गलियों में न घूम रे दीवाने पर
उन्हें क्या पता हम उन्ही गलियों को अपना ठिकाना बना बैठे
Thursday, August 19, 2010
दोस्ती
फूलों सी नाजुक चीज है दोस्ती,
सुर्ख गुलाब की महक है दोस्ती,
सदा हँसने हँसाने वाला पल है दोस्ती,
दुखों के सागर में एक कश्ती है दोस्ती,
काँटों के दामन में महकता फूल है दोस्ती,
जिंदगी भर साथ निभाने वाला रिश्ता है दोस्ती,
रिश्तों की नाजुकता समझाती है दोस्ती,
रिश्तों में विश्वास दिलाती है दोस्ती,
तन्हाई में सहारा है दोस्ती,
मझधार में किनारा है दोस्ती,
जिंदगी भर जीवन में महकती है दोस्ती,
किसी-किसी के नसीब में आती है दोस्ती,
हर खुशी हर गम का सहारा है दोस्ती,
हर आँख में बसने वाला नजारा है दोस्ती,
सुर्ख गुलाब की महक है दोस्ती,
सदा हँसने हँसाने वाला पल है दोस्ती,
दुखों के सागर में एक कश्ती है दोस्ती,
काँटों के दामन में महकता फूल है दोस्ती,
जिंदगी भर साथ निभाने वाला रिश्ता है दोस्ती,
रिश्तों की नाजुकता समझाती है दोस्ती,
रिश्तों में विश्वास दिलाती है दोस्ती,
तन्हाई में सहारा है दोस्ती,
मझधार में किनारा है दोस्ती,
जिंदगी भर जीवन में महकती है दोस्ती,
किसी-किसी के नसीब में आती है दोस्ती,
हर खुशी हर गम का सहारा है दोस्ती,
हर आँख में बसने वाला नजारा है दोस्ती,
Tuesday, August 3, 2010
संभव और असंभव
कहते है दुनिया में कुछ भी असंभव नहीं पर मेरी नज़र में आज भी असंभव हे
बचपन के पलो का वापस आना
खुशियों के पलो का हरदम साथ रह पाना
टूट कर बिखर चुके कांच का जुड़ जाना
जिंदगी के पन्नो को अपने अनुसार जमा पाना
आज भी असंभव है
पर कुछ बाते है जो
आज भी संभव है
अपने कल को छोड़ आज को सवार पाना
कल के गमो को भुला कर अपने आज को खुशियों से भर पाना
तनहइयो में गम की रेत को छोड़ खुशियों के सागर में गोते लगाना
आज भी संभव हे
बचपन के पलो का वापस आना
खुशियों के पलो का हरदम साथ रह पाना
टूट कर बिखर चुके कांच का जुड़ जाना
जिंदगी के पन्नो को अपने अनुसार जमा पाना
आज भी असंभव है
पर कुछ बाते है जो
आज भी संभव है
अपने कल को छोड़ आज को सवार पाना
कल के गमो को भुला कर अपने आज को खुशियों से भर पाना
तनहइयो में गम की रेत को छोड़ खुशियों के सागर में गोते लगाना
आज भी संभव हे
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