म्रदु भावो के अंगूरों की,
आज बना लाया हाला,
प्रियतम अपने ही हाथो से,
आज पिलाऊंगा प्याला,
पहले भोग लगा लू तेरा,
फिर प्रसाद जग पायेगा
सबसे पहले तेरा स्वागत
करती मेरी मधुशाला
२
प्यासा तुझे तो विश्व तपाकर
पूर्ण निकालूँगा हाला
एक पाँव से सकी बनकर
नाचूँगा लेकर प्याला
जीवन की मधुता तो तेरे
ऊपर कबका वार चूका
आज निछावर कर दूंगा में
तुझ पर जग की मधुशला
